बाईबल के अनुसार पाप क्या है

सभी मसीह भाइयों को जय मसीह की


 दोस्तो आज मेरे द्वारा आपको बाइबल में से बताऊंगा कि बाइबिल के अनुसार पाप किया है और हम सब पाप करने से पहले ही अपने आप को रोक कर परमेश्वर नजरो मैं धर्मी रहो और परमेश्वर के द्वारा हमारा उद्धार हो सके और परमेश्वर योजना से लाभान्वित होंगे बरना ऐसा न हो जाए जब यीशु मसीह अपने दूतो के साथ आएगा जब ऐसा न हो कि उसकी दृष्टि हम बनी रहती हैं 

पाप किया है

मैं आपको बताता हूं बाइबल के अनुसार पाप क्या है दोस्तों पूरी बाइबल में पाप शब्द 763 बाहर हमें पढ़ने को मिलता है लोगों के द्वारा यह भी कहा जाता है कि पाप हो हमारे सबसे अच्छे काम मैं भी देखा जा सकता है मतवल जब हम कोई अच्छा काम करते हैं तो लोगों के द्वारा हमारी तारीफ होती है और उस तारीफ को सुनकर हम अपने आप को बहुत शक्तिमान समझा सकते हैं जिस कारण हमारे अंदर घमंड हो जाता है और घमंड करने वाले मनुष्य परमेश्वर की नजर में पापी ठहरेगा क्योंकि हम सब जानते हैं घमंड किसने किया था घमंड लुसिफर ने किया था और परमेश्वर ने अपने दोस्तों के द्वारा अपने स्वर्ग से लात मार के जमीन पर गिरा दिया क्योंकि जो कुछ हम पर है वह परमेश्वर की देन है अगर हम उस पर घमंड करते हैं तो परमेश्वर की निंदा करते हैं और परमेश्वर की निंदा करने वाला स्वर्ग अधिकारी नहीं होगा वो नरक का भागी होगा 

बाईबल के कुछ वचन _ 


परन्तु जो सन्देह कर के खाता है, वह दण्ड के योग्य ठहर चुका, क्योंकि वह निश्चय धारणा से नहीं खाता, और जो कुछ विश्वास से नहीं, वह पाप है॥

                                                        रोमियो 14:23

मसीह भाइयों ने जैसा कि हमने वचनमें पढ़ाओ देखा जो कोई विश्वास से नहीं करता वह परमेश्वर की नजर में पाप है यह सा वचन है जो हमें हिला कर रख देता है हमें बाइबल के हारे की वचन का पालन करना चाहिए यदि हमें मर्सी पर विश्वास नहीं है तो हमारा चर्च जाना भी बेकार है और  बाइबिल पढ़ना सब कुछ बेकार है यदि हमें यीशु मसीह पर विश्वास नहीं है तो संगति करना बेकार है यदि हमे यीशु मसीह पर विश्वास नहीं तो प्रचार करना बेकार है यदि हमे यीशु मसीह पर विश्वास नहीं तो प्रार्थना करना बेकार है 

इसलिये जो कोई भलाई करना जानता है और नहीं करता, उसके लिये यह पाप है॥

                                                       याकूब ,4:17


बाइबल हमें साफ तौर से बता रही है अगर हमारे पास किसी की भलाई करने के पास कुछ है तो हम भलाई नहीं करते तो वह भी एक पाप है तो निश्चित रूप से हमें एक दूसरे की भलाई करनी चाहिए क्योंकि यह उचित है उदाहरण के तौर पर अगर कोई ऐसा व्यक्ति है जिसे हम जानते हैं और हमें यह भी जानते हैं उसे मदद की जरूरत है अगर आप उसके साथ भलाई नहीं करते तो वह भी पाप है अगर हमारे अंदर क्षमता है किसी की मदद करने के लिए अगर हम नहीं करते तो वही पाप में बदल जाता है हम मर्सी भाइयों को जहां तक है महा तक एक दूसरे की बलाई चलनी चाहिए 

जो कोई पाप करता है, वह व्यवस्था का विरोध करता है; ओर पाप तो व्यवस्था का विरोध है।

                                                              1 यूहन्ना 3:4


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